Saturday, December 4, 2010

और राजीव दीक्षित जी उठे ...

जब किसी व्यक्ति ने इंडिया को भारत कर दिया,
किसान को गले लगा लिया,
भारत के अंग्रेजों & मुगलों से पहले के इतिहास को जान लिया,
राष्ट्र सर्वोपरि है, यह सूत्र मान लिया, 
राष्ट्रवाद को स्वयं से पहले रख दिया,
आत्म को सर्व पे समर्पित कर दिया,
जब भारतीयता जी उठे ..

स्वर्गीय राजीव जी आज हमारे बीच नहीं हैं..पर उनका राष्ट्र प्रेम & त्याग हमारे दिलों में जीवित है. और जब तक उनके आदर्श किसी भी एक के ह्रदय में जीवित हैं, राजीव जी का निधन नहीं हो सकता. और हम उनका निधन होने नहीं देंगे. राष्ट्रीय स्वाभिमान और राष्ट्र प्रेम की जो अलख उन्होंने जलाई है उसे हर ह्रदय में प्रज्ज्वलित करने का संकल्प लेते हैं. जय हिंद...

visit: www.rajivdixit.com

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