
कांग्रेस के सिमी प्रेम का परिणाम है मालेगाँव कांड
बजरंग दल को आतंकी घोषित न कर पाने का मलाल है मालेगांव कांड
आर एस एस के प्रखंड राष्ट्र प्रेम के बढ़ते प्रभाव का भय है मालेगांव बम कांड
आज तक कभी किसी आतंकवादी के पीछे पूरा तंत्र नही पड़ा
आजतक कभी किसी आतंकवादी का ४-४ बार नार्को टेस्ट नही हुआ
ये बौखलाहट है सोनिया तंत्र के हार की, ये खीज है उनके ग़लत पड़े दांव की
पर आह, यह परिणाम है सोये हुए असहाय जीर्ण हिंदू समाज का
मजाल है की विश्व में कोई हिंदू पेंटर हुसैन जैसे किसी मुस्लिम भगवन की नग्न तस्वीर बनाये
मजाल है की विश्व में कोई ईसाई धर्म के ऊपर आतंकवादी जैसा शब्द जोड़े
मजाल है की भारत में हज के लिए दी जाने वाला दान बंद किया जाए
पर, भारत में हिन्दुओं के अराध्य भगवन श्री राम के अस्तित्व पे हमारी ही सरकार हलफनामा देती है
भारत में बाबा अमरनाथ को दान में दी गयी भूमि वापस ले ली जाती है
भारत में श्री राम जन्मभूमि पर बने मन्दिर को तोड़ कर बाबर मज्जिद बनता है और स्वतंत्र भारत में उसपर पुनः मन्दिर बनाना स्वतंत्रतता पाने से भी कठिन जान पड़ता है
तभी तो हमारे आदर्शों ने कहा है - यदि हिंदू अभी नही जागा, तो दोबारा अवसर तक नही मिलेगा
वंदे मातरम
जय श्री राम
Wednesday, November 12, 2008
साध्वी का सच
Tuesday, October 28, 2008
शुभ दीपावली

मैं स्वर्ग हो के आया, उपहार हजार लाया
हर घर मैं सुख समृद्धि, सपने हजार लाया
विश्व विजयी भारत पुनः अखंड होगा
राम राज्य होगा, धर्म प्रचंड होगा
न कोसी कहर ढाए, न आतंक सर उठाये
खुशहाली बढती जाए, फ़िर ऐसा सफर होगा
सपनो की ऐसी दुनिया, अपनों के बीच होगी
दीपावली मैं कामना है, ऐसा अवश्य होगा
सभी भारतवासियों को प्रियंक ठाकुर का सादर शुभ दीपावली .
भगवन राम के आशीर्वाद से आपका जीवन विजय और वीरता से भरा हो.
भगवान् आपके जीवन को देश - समाज - धर्म के हित मैं कार्य करने हेतु सक्षम बनाये रखे.
जय श्री राम
Saturday, October 18, 2008
उद्देश्य और भटकाव
समाज सेवा समिति, की स्थापना का उद्देश्य समाज मैं जागरूकता लाना है. पर, परिस्थितियां इसके लक्ष्य से भटकाव ला देती हैं. यह एक मानव कमजोरी है, पर हमारा यह पुरजोर प्रयास रहेगा की अब यह कमजोरी समिति के लक्ष्य को इस से दूर न ले जाए और यह मानव कमजोरी समिति या समूह को प्रभावित न करे.
मुख्यतः भावनात्मक मुद्दे, जैसे की धर्म, राजनीति, राष्ट्रप्रेम हमको हमारे लक्ष्य और संस्कृति से भटका देते हैं, विचिलित
कर देते हैं. यह आवेश वश किए गए कार्य आपका मूल संस्कार नही होते हुए भी आपकी पहचान बन जाता है. इस लिए हमारे शास्त्रों मैं कहा गया है की भगवन को वह मनुष्य प्रिय होता है जो न प्रसन्नता मैं भटके न दुःख मैं विचलित हो.
हमारा उद्देश्य हिंदुत्व का प्रसार है, हिंदुत्व भारत की जान है. हिंदुत्व मैं भारत की संस्कृति है. जो भी व्यक्ति, चाहे वह मुस्लिम हो या ईसाई, यदि वह भारतीय संस्कारों का पालन करता है तो वह हिंदुत्व का पालन करता है. यदि कोई हिंदू भी राष्ट्र विरोधी मानसिकता का हो, या स्त्री का सम्मान न करे, या आचरण मैं मानवता न हो तो वह भी हिंदुत्व का शत्रु है.
यह समाज एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य की कड़ी है, यदि समाज मैं सद्भाव और शक्ति न हो तो यह समाज दूषित हो जाता है. इस कड़ी का काम संवाद करता है. तो अंततः संवाद सबसे जरूरी है. संवाद मैं कमी आने पर बिचौलिये फायदा उठाते हैं. ये बिचौलिये कभी अफसर बन कर, कभी राजनेता बन कर, कभी साधू-गुरु बन कर समाज मैं विष घोलते हैं.
भारत की धरती ने सदैव वीरों को जन्मा है. कमी है तो स्वयं को पहचानने की.
यही हमारा उद्देश्य है
आत्म विश्लेषण
जागरूकता
वंदे मातरम
Thursday, October 9, 2008
Dussehra ki Shubhkamnaen
Bhakti, Shakti & Gyan bhi jita na saki Ravan ko,
Dharm ke panthi Ram ne hara diya Dashanan ko.
Shubhkamnaen
Priyank